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Bankelal #21 Bankelal aur Rakshashon ki kheti
Cover Date: January, 1990
एक दिन बांकेलाल को विशालगढ़ के मेले में मिला एक अजीब सा सौदागर जो बेच रहा था राक्षस का बाल और उसका ...
Issue Description
एक दिन बांकेलाल को विशालगढ़ के मेले में मिला एक अजीब सा सौदागर जो बेच रहा था राक्षस का बाल और उसका कहना था की इस बाल को पेड़ पर लटकाने से एक राक्षस पैदा होता है और कोई भी इच्छा पूरी करता है। बांकेलाल ने वो बाल ले लिए और लटका दिया एक पेड़ पर। लेकिन बांकेलाल नहीं जानता था की वो एक जाल में फंस रहा है क्योंकि वह राक्षस इच्छा पूरी करने वाला नहीं बल्कि अपने मालिक जादूगर तड़क भुन के लिए शिकार फंसाता था। बांकेलाल को भी लेकर वो अपने मालिक के पास पहुंचा पर बांकेलाल ने उससे जादूगरी सीखने के लिए उसे अपने गुरु बना लिया और उसने बांकेलाल को दिया राक्षसों की खेती करते का काम जिससे वो राक्षसों की सेना लेकर विशालगढ़ पर हमला कर सके।
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